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जलवायु परिवर्तन प्रेरित जल संकट और वर्षा आधारित कृषि पर इसका प्रभाव: एक GS3 और कृषि संबंधी केस स्टडी।
महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग ने गंभीर से लेकर असाधारण सूखे की स्थिति की सूचना दी है, जिससे वर्षा आधारित सोयाबीन, अरहर दाल और कपास की फसलों पर संकट मंडरा रहा है।
महाराष्ट्र 4.85 मिलियन टन सोयाबीन (भारत के कुल 12.6 मिलियन टन का 38.5%) और 1.18 मिलियन टन अरहर दाल (कुल 3.59 मिलियन टन का 32.8%) का उत्पादन करता है। राज्य में बांधों का जल स्तर घटकर 75.5% रह गया है, जिसमें छत्रपति संभाजीनगर का जल स्तर गिरकर 45.4% हो गया है।
भारत के कुल अरहर दाल उत्पादन में महाराष्ट्र का कितना प्रतिशत योगदान है?
उत्तर: (d) 32.8% — महाराष्ट्र 1.18 मिलियन टन अरहर दाल का उत्पादन करता है, जो भारत के 3.59 मिलियन टन के कुल उत्पादन का 32.8% है।
Q. महाराष्ट्र में जलवायु-प्रेरित सूखे का वर्षा आधारित कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए और फसल लचीलेपन को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Rain-fed agriculture · Climate resilience · Water scarcity · Crop diversification · Agricultural output
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।