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भाग I · स्था. 11.2025 
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एटा में बच्चों के आपत्तिजनक वीडियो पर NHRC सख्त, मेटा इंडिया से नोटिस

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डिजिटल सुरक्षा और बाल संरक्षण: प्लेटफॉर्म जवाबदेही और वैधानिक निरीक्षण पर GS2 का एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के एटा में आपत्तिजनक सोशल मीडिया वीडियो में नाबालिग बच्चों के उपयोग के संबंध में प्राप्त एक शिकायत पर मेटा इंडिया (Meta India) और स्थानीय अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।

पृष्ठभूमि

प्रियंक कानूंगो की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में, NHRC ने स्थानीय अधिकारियों को प्रभावित बच्चों की पहचान करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा इसमें शामिल वयस्कों की जांच करने के निर्देश दिए। Meta India को की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया कि क्या इस सामग्री से कोई व्यावसायिक लाभ प्राप्त हुआ है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाNHRC: National Human Rights Commission भारत में मानवाधिकार संरक्षण के लिए प्राथमिक सांविधिक निकाय है।
  • पदप्रियंक कानूगो: नोटिस के समय NHRC के पीठासीन सदस्य।
  • तथ्यNHRC ने Meta India और स्थानीय अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह की समय-सीमा निर्धारित की है।
  • स्थानएटा: उत्तर प्रदेश का वह जिला जहाँ नाबालिगों के कथित शोषण की घटना हुई।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और सोशल मीडिया सामग्री के संबंध में हालिया नोटिस के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. NHRC ने एटा में वीडियो में नाबालिग बच्चों के उपयोग के संबंध में Meta India को नोटिस जारी किया।
  2. NHRC एक गैर-सांविधिक निकाय है जो डिजिटल अधिकारों के लिए उत्तरदायी है।
  3. NHRC ने स्थानीय अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक महीने की समय-सीमा प्रदान की।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 2
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (a) केवल 1 — कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: NHRC मानवाधिकार संरक्षण के लिए प्राथमिक वैधानिक निकाय है। कथन 3 गलत है: NHRC ने दो सप्ताह की समय सीमा निर्धारित की थी।

मेन्स के लिए

Q. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के शोषण को रोकने के लिए विनियामक चुनौतियों और डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने में वैधानिक निकायों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Regulatory gap: Lack of stringent real-time monitoring for short-form video content on private platforms
  • Accountability framework: Difficulty in attributing commercial liability to tech giants for user-generated content
  • Jurisdictional friction: Coordination between local law enforcement and global tech entities in rapid content removal

कीवर्ड: Child Protection · Digital Rights · Statutory Oversight · Platform Accountability · Human Rights

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: NDTV ↗यह भी: GS3 · IT, AI, semiconductors & computing

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।