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भाग I · स्था. 11.2025 
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के लिए 3 दिसंबर की तारीख तय की है

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक)· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के लिए 3 दिसंबर की तारीख तय की है। इस दौरान कोर्ट ने विशेषज्ञ-आधारित और दीर्घकालिक समाधानों की आवश्यकता पर जोर दिया है।

पृष्ठभूमि

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR क्षेत्र में वायु गुणवत्ता से संबंधित गंभीर समस्या के लिए तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप के प्रति संदेह व्यक्त किया है। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि इस मुद्दे के समाधान के लिए विशेषज्ञों द्वारा संचालित दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • स्थानदिल्ली-NCR क्षेत्र खतरनाक वायु गुणवत्ता (hazardous air quality) के लिए मुख्य चिंता का क्षेत्र है।
  • पदसुप्रीम कोर्ट वायु प्रदूषण पर याचिका की निगरानी करने वाली न्यायिक संस्था है।
  • तथ्यकोर्ट ने सुनवाई की तारीख 3 दिसंबर तय की है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण जैसे जटिल पर्यावरणीय मुद्दों के समाधान में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • संस्थागत बाधा: लंबे समय के पर्यावरण इंजीनियरिंग समाधान तैयार करने के लिए न्यायिक तकनीकी विशेषज्ञता की कमी
  • पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: तत्काल न्यायिक आदेशों और विशेषज्ञों के नेतृत्व वाली बहु-क्षेत्रीय दीर्घकालिक रणनीतियों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: न्यायिक सक्रियता · पर्यावरण गवर्नेंस · विशेषज्ञों द्वारा संचालित नीति · लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी · वायु गुणवत्ता प्रबंधन

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसले

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।