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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले के खिलाफ पाकिस्तान ने जुटाया समर्थन

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· India's bilateral relations· Prelims + Mains·

चर्चा में क्यों

हेग स्थित मध्यस्थता निर्णय की अस्वीकृति के पश्चात भारत द्वारा सिंधु जल संधि (IWT) के निलंबन के विरुद्ध समर्थन जुटानेके लिए पाकिस्तान ने एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया।

पृष्ठभूमि

भारत ने मध्यस्थता न्यायालय (Court of Arbitration) के निर्णय को अस्वीकार करने के पश्चात मई 2025 में IWT को निलंबित कर दिया। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक दार ने जून 2026 में इस्लामाबाद में आयोजित एक सम्मेलन का नेतृत्व किया, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता के तंत्र के रूप में इस संधि के संरक्षण की वकालत की।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनसिंधु जल संधि (IWT): भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हस्ताक्षरित, जिसे World Bank द्वारा सुगम बनाया गया था।
  • स्थानहेग स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (Court of Arbitration): संधि विवादों को सुलझाने में शामिल एक अंतर्राष्ट्रीय निकाय।
  • तथ्यIWT तीन बारहमासी नदियों: Indus, Chenab और Jhelum को कवर करती है।

मेन्स के लिए

Q. क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में सिंधु जल संधि के महत्व और सीमा पार जल सहयोग पर एकपक्षीय संधि निलंबन के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • hydropolitical tensions
  • impact on downstream agriculture
  • role of international arbitration
  • water-sharing as a security issue

कीवर्ड: transboundary water · hydropolitics · regional stability · bilateral diplomacy · arbitration

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: NDTV ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।