स्पेस में भ्रूण में 4 गुना ज़्यादा कमियां पाई गईं, प्रजनन पर
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चर्चा में क्यों
अंतरिक्ष में जापानी बटेख के अंडों पर किए गए एक अध्ययन से भ्रूण में महत्वपूर्ण असामान्यताओं का पता चला है, जो सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में मानव प्रजनन के समक्ष आने वाली जैविक बाधाओं को रेखांकित करता है।
पृष्ठभूमि
वर्ष 1995 में, शैनन ल्यूसिड ने 'मिर' अंतरिक्ष स्टेशन पर उर्वरक युक्त जापानी बटेख के अंडों पर एक प्रयोग किया था। परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण, विकिरण और तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण, अंतरिक्ष में विकसित भ्रूणों में पृथ्वी पर आधारित नियंत्रण समूहों की तुलना में चार गुना से अधिक विसंगतियां पाई गईं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकMir space station: एक पूर्व सोवियत अंतरिक्ष स्टेशन जो विभिन्न जैविक प्रयोगों के लिए एक प्रयोगशाला के रूप में कार्य करता था।
- तथ्यअध्ययन में सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (microgravity) वातावरण में भ्रूण संबंधी असामान्यताओं में 4 गुना की वृद्धि पाई गई।
- विज्ञान-तकनीकअंतरिक्ष जीव विज्ञान (space biology) के प्रमुख तनाव कारक (stressors) में सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (microgravity), ब्रह्मांडीय विकिरण (cosmic radiation) और अत्यधिक तापमान में उतार-चढ़ाव शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष अभियानों में मानव प्रजनन और दीर्घकालिक निवास से जुड़ी जैविक और तकनीकी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
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