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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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जापान की कंपनियों ने भारत में $12.5bn का निवेश किया, चीन से दूरी बनाई

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Industry, investment & MSMEs· Prelims + Mains·

चर्चा में क्यों

जापानी कंपनियाँ आपूर्ति श्रृंखलाओं (supply chains) में विविधता लाने और चीनी बाजार से जुड़े एकाग्रता जोखिमों (concentration risks) को कम करने के लिए भारत में अपने निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि (12.5 बिलियन डॉलर से अधिक) कर रही हैं।

पृष्ठभूमि

जुलाई में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान जापानी फर्मों ने 12.5 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की। MUFG बैंक ने 4.4 बिलियन डॉलर में श्रीराम फाइनेंस में 20% की हिस्सेदारी अधिग्रहित की, और सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) के पास यस बैंक में 24.22% की हिस्सेदारी है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यMUFG Bank ने $4.4bn में Shriram Finance में 20% की हिस्सेदारी हासिल की।
  • तथ्यSMBC के पास Yes Bank में 24.22% की हिस्सेदारी है।
  • तथ्यजुलाई शिखर सम्मेलन में घोषित कुल जापानी निवेश $12.5bn तक पहुंच गया।

मेन्स के लिए

Q. भारत में जापानी निवेश को आकर्षित करने में 'चीन प्लस वन' (China Plus One) रणनीति के महत्व और भारत के विनिर्माण एवं वित्तीय क्षेत्रों पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • supply chain diversification
  • reduction of concentration risk
  • India as a manufacturing hub
  • strengthening bilateral trade ties

कीवर्ड: concentration risk · supply chain diversification · bilateral investment · de-risking · foreign direct investment (FDI)

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: BBC ↗यह भी: GS2 · India's bilateral relations

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।