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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भारतीय कंपनियों को DRDO की मिसाइल तकनीक सौंपी

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Defence technology· Prelims + Mains·

चर्चा में क्यों

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'आत्मनिर्भरता' पहल को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक को निजी भारतीय निर्माताओं को हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की है।

पृष्ठभूमि

25 अगस्त, 2026 को, रक्षा मंत्रालय ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को मंजूरी प्रदान की। यह निर्णय निजी फर्मों को विशिष्ट योग्यताओं और विनियामक प्रावधानों के अधीन इन मिसाइलों के निर्माण की अनुमति प्रदान करता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाDRDO: Defence Research and Development Organisation, रक्षा मंत्रालय की प्राथमिक R&D इकाई है।
  • तथ्ययह प्रौद्योगिकी हस्तांतरण DRDO द्वारा विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों को कवर करता है।
  • पदराजनाथ सिंह वर्तमान में केंद्रीय रक्षा मंत्री हैं।

मेन्स के लिए

Q. रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में निजी क्षेत्र की फर्मों के एकीकरण से 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' के उद्देश्यों को किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • indigenous manufacturing capabilities
  • reduction in import dependence
  • private-public partnership (PPP) in defence
  • technological sovereignty

कीवर्ड: Aatmanirbharta · indigenous production · technology transfer · defence ecosystem · import substitution

पूरा कालक्रम (रिवीजन के लिए) →पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: The Hindu ↗यह भी: GS2 · Government policies & schemesयह भी: GS3 · Industry, investment & MSMEs

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।