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भाग I · स्था. 11.2025 
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सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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चीनी संकट: घरेलू कीमतें 16% बढ़ी, सरकार ने 10 लाख टन ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Growth, inflation & macro indicators· Prelims·

चर्चा में क्यों

भारत सरकार ने उत्पादन में कमी के कारण 16% तक बढ़ी घरेलू कीमतों को स्थिर करनेके उद्देश्य से 10 लाख टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है।

पृष्ठभूमि

सरकार ने प्रारंभ में 15 लाख टन के निर्यात की अनुमति दी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 20 लाख टन कर दिया गया, किंतु 'रेड रॉट' रोग और उत्पादन के अत्यधिक आकलन के कारण केवल 8 लाख टन का ही निर्यात किया गया। अगस्त 2026 तक घरेलू कीमतें 16% तक बढ़ गईं, जिसके परिणामस्वरूप शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति प्रदान की गई।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यअगस्त 2026 तक घरेलू चीनी की कीमतों में 16% की वृद्धि हुई।
  • तथ्यसरकार ने 10 लाख टन तक चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है।
  • पर्यावरणरेड रॉट (Red Rot) रोग चीनी उत्पादन को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है।
  • तथ्यप्रारंभिक अनुमति 15-20 लाख टन होने के बावजूद, केवल 8 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया।

मेन्स के लिए

Q. भारत की चीनी उद्योग के समक्ष निर्यात महत्वाकांक्षाओं, घरेलू मूल्य स्थिरता और खाद्य सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • impact of crop diseases
  • supply-demand imbalance
  • trade policy interventions
  • price volatility

कीवर्ड: price volatility · supply chain · import-export balance · agricultural productivity · market intervention

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: NDTV ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।