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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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कीमतें कम करने के लिए भारत ने 10 लाख टन ड्यूटी-फ्री कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Growth, inflation & macro indicators· Prelims·

चर्चा में क्यों

भारत सरकार ने खुदरा कीमतों में हो रही वृद्धि को स्थिर करने और आपूर्ति-पक्ष के झटकों (supply-side shocks) के प्रबंधन हेतु 10 लाख टन कच्चे चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति प्रदान की है।

पृष्ठभूमि

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने 31 अक्टूबर तक शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति 'टैरिफ रेट कोटा' (TRQ) के अंतर्गत प्रदान की। थोक उपभोक्ताओं (जो प्रति माह 10 टन से अधिक का उपयोग करते हैं) पर स्टॉकहोल्डिंग सीमाएं लागू की गईं, जिसके तहत 1 सितंबर से 30 नवंबर तक स्टॉक को 15 दिनों की खपत तक सीमित कर दिया गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यआयात कोटा: 10 लाख टन कच्ची चीनी।
  • तथ्यरिटेल चीनी की कीमतों में साल-दर-साल लगभग 13% की वृद्धि हुई।
  • तथ्यस्टॉकहोल्डिंग सीमा: थोक उपभोक्ताओं के लिए 15 दिनों की खपत तक सीमित।
  • संस्थाखाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) चीनी और खाद्य प्रसंस्करण नियमों की देखरेख करता है।

मेन्स के लिए

Q. भारतीय कृषि बाजार में खाद्य सुरक्षा और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने में आयात-निर्यात नीतियों और स्टॉकहोल्डिंग विनियमों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • inflationary pressure
  • supply chain management
  • impact on domestic farmers
  • market intervention mechanisms

कीवर्ड: Tariff Rate Quota · Price Stabilization · Stockholding Limits · Supply-side Management · Inflationary Pressure

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: NDTV ↗यह भी: GS3 · MSP, procurement, PDS & food securityयह भी: GS2 · Government policies & schemes

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।