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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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बिहार कोर्ट ने रात 9:55 के बाद लाउडस्पीकर पर बैन और शोर पर सख्ती के आदेश दिए

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक)· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

पटना उच्च न्यायालय ने बिहार में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करनेके लिए रात्रि 9:55 बजे के बाद लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने और ध्वनि निगरानी प्रणाली (sound monitoring systems) को अनिवार्य करने के संबंध में राज्यव्यापी निर्देश जारी किए हैं।

पृष्ठभूमि

पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजीव रॉय ने 'ध्वनि प्रदूषण नियम' और 'मोटर वाहन अधिनियम' का कड़ाई से अनुपालन करने का आदेश दिया है। इस आदेश के अनुसार, रात्रि 9:55 बजे के पश्चात लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा। साथ ही, DJ संचालकों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ध्वनि निगरानी प्रणाली स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अधिनियम / विधेयकMotor Vehicles Act: धारा 190(2) ध्वनि प्रदूषण के संबंध में दंड का प्रावधान करती है।
  • संस्थाबिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: पर्यावरणीय प्रदूषण की निगरानी और विनियमन के लिए उत्तरदायी राज्य निकाय।
  • तथ्यलाउडस्पीकर प्रतिबंध: पूरे बिहार में रात्रि 9:55 बजे के बाद प्रभावी।
  • स्थानपटना उच्च न्यायालय: राज्यव्यापी निर्देश जारी करने वाला न्यायिक निकाय।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में ध्वनि प्रदूषण नियमों को लागू करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और व्यक्तिगत अधिकारों तथा स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।