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भाग I · स्था. 11.2025 
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DRDO ने सिस्टम की विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए ओडिशा के तट से एक ही लॉन्चर से दो स्वदेशी प्रलय (Pralay) मिसाइलों का सफल सलवो लॉन्च (salvo launch) किया

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· रक्षा तकनीक· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

DRDO ने सिस्टम की विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए ओडिशा के तट से एक ही लॉन्चर से दो स्वदेशी प्रलय (Pralay) मिसाइलों का सफल सलवो लॉन्च (salvo launch) किया।

पृष्ठभूमि

इस परीक्षण में एक ही लॉन्चर से दो 'प्रलय' (Pralay) मिसाइलों का एक साथ परीक्षण किया गया। 31 दिसंबर, 2025 को आयोजित इस परीक्षण के दौरान ट्रैकिंग सेंसर और टेलीमेट्री सिस्टम के माध्यम से मिशन के उद्देश्यों की पुष्टि की गई।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकप्रलय: DRDO द्वारा विकसित एक स्वदेशी मिसाइल सिस्टम।
  • तथ्यइस परीक्षण में एक सिंगल लॉन्चर से दो मिसाइलों का एक साथ लॉन्च (salvo launch) किया गया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और निवारण क्षमताओं को सुदृढ़ करने में स्वदेशी मिसाइल तकनीक के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • तकनीकी संप्रभुता: हाई-प्रिसिजन मिसाइल सिस्टम के लिए विदेशी कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
  • स्ट्रेटेजिक डिटेरेंस: मल्टी-मिसाइल साल्वो लॉन्च क्षमताओं के जरिए रैपिड-रिस्पॉन्स क्षमताओं को बढ़ाना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी रक्षा · मिसाइल टेक्नोलॉजी · डिफेंस R&D · सल्वो लॉन्च

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।