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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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स्पेस में अंतरिक्ष यात्रियों की आंखों की रोशनी गई, ब्रिटिश स्टार्टअप Siloton ढूंढ रहा है समाधान

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चर्चा में क्यों

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency) 'स्पेसफ्लाइट-एसोसिएटेड न्यूरो-ऑकुलर सिंड्रोम' (SANS) की जांच कर रही है और क्वांटम-आधारित आई-स्कैनिंग तकनीक विकसित करने के लिए एक ब्रिटिश स्टार्टअप को नियुक्त कर रही है।

पृष्ठभूमि

अंतरिक्ष अभियानों के दौरान लगभग 70 प्रतिशत अंतरिक्ष यात्रियों पर SANS का प्रभाव पड़ता है। सिलोटन (Siloton), जो एक ब्रिटिश स्टार्टअप है, स्थायी दृष्टि क्षति की निगरानी और रोकथाम हेतु क्वांटम तकनीक का उपयोग करते हुए एक सुगठित एवं स्वायत्त नेत्र-स्कैनिंग उपकरण विकसित कर रहा है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकSANS: Spaceflight-associated neuro-ocular syndrome अंतरिक्ष यात्रियों की दृष्टि को प्रभावित करने वाली एक स्थिति है।
  • विज्ञान-तकनीकSiloton: एक ब्रिटिश स्टार्टअप जो क्वांटम-आधारित आई-स्कैनिंग (eye-scanning) तकनीक विकसित कर रहा है।
  • विज्ञान-तकनीकESA: European Space Agency अंतरिक्ष से संबंधित नेत्र स्वास्थ्य की जांच करने वाली प्राथमिक संस्था है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: दीर्घकालिक अंतरिक्ष अभियानों के दौरान मनुष्यों के समक्ष आने वाली शारीरिक चुनौतियों और इन स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में उभरती क्वांटम प्रौद्योगिकियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: वायर्ड ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।