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भाग I · स्था. 11.2025 
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केरल उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि एसिड हमले के मामलों में दोषियों पर लगाए गए जुर्माने स

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चर्चा में क्यों

केरल उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि एसिड हमले के मामलों में दोषियों पर लगाए गए जुर्माने से स्वतंत्र और अतिरिक्त रूप से 'पीड़ित मुआवजा योजना' के तहत मुआवजा प्रदान किया जाना चाहिए।

पृष्ठभूमि

केरल उच्च न्यायालय ने कासरगोड जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को एसिड हमले के पीड़ितों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में अपराधियों पर जुर्माना (जैसे ₹40,000) लगाया जा सकता है, किंतु यह राज्य के पर्याप्त पुनर्वास और चिकित्सा मुआवजा प्रदान करने के दायित्व को सीमित नहीं करता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाDistrict Legal Services Authority (DLSA) जिला स्तर पर कानूनी सहायता और पीड़ित मुआवजे प्रदान करने के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यन्यायालय ने एसिड अटैक पीड़ितों के लिए दीर्घकालिक चिकित्सा आवश्यकताओं और पुनर्वास लागत के लिए मुआवजे पर जोर दिया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में लैंगिक आधारित हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में स्वतंत्र पीड़ित मुआवजा योजनाओं के महत्व पर चर्चा कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेयह भी: GS2 · सरकारी नीतियां एवं योजनाएं

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।