हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने स्वदेशी रोटरी-विंग तकनीक की प्रगति को प्रदर्शित करने के लिए बेंगलुरु में ध्रुव NG मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान भरी
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चर्चा में क्यों
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने स्वदेशी रोटरी-विंग तकनीक की प्रगति को प्रदर्शित करने के लिए बेंगलुरु में ध्रुव NG मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान भरी।
पृष्ठभूमि
ध्रुव NG एक 5.5 टन का हल्का ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर है, जिसमें ग्लास कॉकपिट और उन्नत एवियोनिक्स (avionics) की सुविधा दी गई है। इसे VIP परिवहन, पैसेंजर यूटिलिटी, हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज (HEMS) और आपदा राहत जैसे नागरिक कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकDhruv NG: HAL द्वारा विकसित 5.5-टन का, लाइट ट्विन-इंजन मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर।
- तथ्यDhruv NG की विशेषताओं में बेहतर पावर इंजन और सिचुएशनल अवेयरनेस (situational awareness) के लिए ग्लास कॉकपिट (glass cockpit) शामिल हैं।
- पदHAL (Hindustan Aeronautics Limited) ध्रुव NG (Dhruv NG) के विकास के लिए जिम्मेदार प्राथमिक संस्था है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में स्वदेशी रोटरी-विंग (रोटरक्राफ्ट) तकनीक के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रणनीतिक स्वायत्तता: महत्वपूर्ण एयरोस्पेस कंपोनेंट्स के लिए विदेशी OEMs पर निर्भरता कम करना
- बहुमुखी प्रतिभा: नागरिक उपयोग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स की जरूरतों के बीच तालमेल
मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · रोटरी-विंग क्षमता · स्वदेशी विनिर्माण · स्थिति के प्रति जागरूकता · एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।