बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई में निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण कम करने के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र कमेटी को ऑडिट करने का आदेश दिया है
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चर्चा में क्यों
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई में निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण कम करने के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र कमेटी को ऑडिट करने का आदेश दिया है।
पृष्ठभूमि
बॉम्बे हाई कोर्ट ने निर्माण स्थलों पर वायु गुणवत्ता सेंसर (Air Quality Sensors) और पानी के छिड़काव के उपयोग को अनिवार्य किया है। कोर्ट ने BMC और राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को वायु प्रदूषण संबंधी एडवाइजरी जारी करने और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मास्क वितरित करने का निर्देश दिया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यकोर्ट ने धूल प्रदूषण को कम करने के लिए कंस्ट्रक्शन साइट्स पर एयर क्वालिटी सेंसर्स लगाने और वॉटर स्प्रिंकलिंग (water sprinkling) करने का आदेश दिया।
- स्थानयह आदेश विशेष रूप से मुंबई के भीतर निर्माण स्थलों (construction sites) से संबंधित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते शहरों में निर्माण स्थलों पर वायु गुणवत्ता मानकों को लागू करने में आने वाली संस्थागत और विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: कंस्ट्रक्शन से होने वाले डस्ट एमिशन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और इंडिपेंडेंट ऑडिटिंग की कमी
- सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप: शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और स्वच्छ पर्यावरण के संवैधानिक अधिकार के बीच संतुलन
- एन्फोर्समेंट गैप: न्यायिक निर्देशों के बावजूद मौजूदा मिटिगेशन गाइडलाइन्स का असरदार पालन नहीं
मुख्य शब्द: पर्यावरण गवर्नेंस · शहरी वायु गुणवत्ता · न्यायिक सक्रियता · सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति · रेगुलेटरी कंप्लायंस
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।