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India's Ground Truth Record
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भारत की स्वतंत्रता की तिथि को जून 1948 से बदलकर 15 अगस्त, 1947 करने के लॉर्ड लुई माउंटबेटन के निर्णय का ऐतिहासिक विश्लेषण

GS1इतिहास · समाज · भूगोल· Modern India & freedom struggle· Mains·

चर्चा में क्यों

भारत की स्वतंत्रता की तिथि को जून 1948 से बदलकर 15 अगस्त, 1947 करने के लॉर्ड लुई माउंटबेटन के निर्णय का ऐतिहासिक विश्लेषण।

पृष्ठभूमि

लॉर्ड लुई माउंटबेटन ने सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया को 10 महीने पहले ही शीघ्रता से संपन्न कराया। उन्होंने इस त्वरित समय-सीमा के कारणों के रूप में जापान के आत्मसमर्पण की वर्षगांठ और राजनीतिक जटिलताओं का उल्लेख किया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदलॉर्ड लुई माउंटबेटन: भारत के अंतिम वायसराय जिन्होंने सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया को गति दी।
  • तथ्यस्वतंत्रता की तिथि को 10 महीने पहले बढ़ाकर 15 अगस्त, 1947 कर दिया गया था।
  • तथ्ययह निर्णय जापान के आत्मसमर्पण की वर्षगांठ से प्रभावित था।

मेन्स के लिए

Q. भारत के विभाजन के दौरान ब्रिटिश शासन की जल्दबाजी में की गई वापसी किस सीमा तक सांप्रदायिक हिंसा और प्रशासनिक चुनौतियों के लिए उत्तरदायी थी? का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Administrative vacuum: Rapid withdrawal led to a breakdown in law and order and refugee management.
  • Political friction: Accelerated timeline limited the scope for negotiated settlement between rival political factions.
  • Humanitarian crisis: Hasty transition exacerbated the scale of violence and displacement during the partition.

कीवर्ड: Transfer of Power · Partition of India · Decolonization · Administrative Transition · Communal Violence

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: Indian Express ↗यह भी: GS1 · Communalism, regionalism & secularism

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।