विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 2026 में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के भारतीय इक्विटी (equities) बेच दिए
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चर्चा में क्यों
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 2026 में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के भारतीय इक्विटी (equities) बेच दिए, जिससे निफ्टी (Nifty) और BSE सेंसेक्स (Sensex) में भारी गिरावट आई।
पृष्ठभूमि
शुक्रवार को FIIs ने 4,110.60 करोड़ रुपये के घरेलू शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (Domestic Institutional Investors - DIIs) 6,748.13 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे। इस अवधि के दौरान निफ्टी (Nifty) में 150.50 अंकों की गिरावट आई और BSE सेंसेक्स (Sensex) 516.33 अंक नीचे गिरा।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यरिपोर्ट के दिन FIIs ने 4,110.60 करोड़ रुपये मूल्य के घरेलू शेयर बेचे।
- तथ्यDIIs ने उसी दिन ₹6,748.13 करोड़ की नेट खरीदारी की।
- तथ्यFII की बिकवाली के बाद Nifty 150.50 पॉइंट्स गिर गया और BSE Sensex 516.33 पॉइंट्स नीचे आ गया।
- तथ्यडोमेस्टिक फ्लो (Domestic flows) अभी भी SMID (Small and Mid-cap) सेगमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा पूंजी की निकासी के कारण भारतीय पूंजी बाजारों में अस्थिरता को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर के आयाम
- मार्केट में उतार-चढ़ाव: बेंचमार्क इंडेक्स पर इमर्जिंग मार्केट फंड एलोकेशन शिफ्ट का असर
मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट में उतार-चढ़ाव · FII आउटफ्लो · घरेलू संस्थागत निवेशक · इमर्जिंग मार्केट फंड्स · SMID सेगमेंट
अर्थव्यवस्था पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।