यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने विनिर्माण क्षेत्रों (manufacturing sectors) में संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता (structural excess capacity) की जांच करने के लिए भारत, चीन और अन्य देशों के खिलाफ सेक्शन 301 जांच शुरू की है
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चर्चा में क्यों
यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने विनिर्माण क्षेत्रों (manufacturing sectors) में संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता (structural excess capacity) की जांच करने के लिए भारत, चीन और अन्य देशों के खिलाफ सेक्शन 301 जांच शुरू की है।
पृष्ठभूमि
USTR की जांच स्वामित्व प्रोफाइल, उत्पादन स्तर, नीतिगत समर्थन और वैश्विक बाजार हिस्सेदारी पर केंद्रित है। यह जांच सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद शुरू की गई है, जिसने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शुरू किए गए पिछले टैरिफ शासन (tariff regime) को रद्द कर दिया था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयकUS Trade Act की Section 301 USTR को अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस (unfair trade practices) की जांच करने और उन पर प्रतिक्रिया देने की अनुमति देती है।
- संस्थाUSTR: यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (United States Trade Representative)।
- तथ्ययह जांच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्ट्रक्चरल एक्सेस कैपेसिटी (structural excess capacity) को लक्षित करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में 'संरचनात्मक अधिशेष क्षमता' (structural excess capacity) के निहितार्थों और भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों पर इसके प्रभाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- ट्रेड प्रोटेक्शनिज्म: नॉन-टैरिफ बैरियर्स के लिए सेक्शन 301 का इस्तेमाल
- मार्केट डिस्टॉर्शन: ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस पर स्टेट-लेड इंडस्ट्रियल सब्सिडी का असर
- डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ और इंटरनेशनल ट्रेड कंप्लायंस के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: स्ट्रक्चरल एक्सेस कैपेसिटी · व्यापार संरक्षणवाद · धारा 301 · मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर · बाज़ार में गड़बड़ी
अर्थव्यवस्था पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।