कर्नाटक सूचना आयोग ने फैसला सुनाया है कि कर्नाटक स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक, RTI एक्ट
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक सूचना आयोग ने फैसला सुनाया है कि कर्नाटक स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक, RTI एक्ट, 2005 के तहत एक सार्वजनिक प्राधिकरण (Public Authority) की श्रेणी में आता है, भले ही बैंक ने सहकारी स्थिति का दावा किया हो।
पृष्ठभूमि
कर्नाटक सूचना आयोग ने बैंक को लोक सूचना अधिकारी (PIOs) और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAAs) नियुक्त करने का आदेश दिया। यह फैसला संस्थान पर राज्य के नियंत्रण और निगरानी के ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर दिया गया था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाकर्नाटक इन्फॉर्मेशन कमीशन (Karnataka Information Commission): RTI Act के अनुपालन की निगरानी के लिए जिम्मेदार राज्य निकाय।
- अधिनियम / विधेयकसूचना का अधिकार (Right to Information) Act, 2005: यह सार्वजनिक प्राधिकरणों से जानकारी मांगने के नागरिकों के अधिकार को नियंत्रित करता है।
- तथ्यकर्नाटक स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक: कमीशन द्वारा इसे 'पब्लिक अथॉरिटी' (public authority) घोषित किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के अंतर्गत 'लोक प्राधिकारी' के निर्धारण हेतु निर्धारित मानदंडों का परीक्षण कीजिए और भारत में सहकारी वित्तीय संस्थानों की पारदर्शिता पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संस्थागत जवाबदेही: सहकारी स्वायत्तता और जनता के सूचना के अधिकार के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: सरकारी वित्तीय संस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना ताकि गबन रोका जा सके
- कानूनी अस्पष्टता: भारी सरकारी फंडिंग या निगरानी प्राप्त कोऑपरेटिव सोसाइटीज की स्थिति स्पष्ट करना
मुख्य शब्द: सार्वजनिक प्राधिकरण · सूचना का अधिकार · पारदर्शिता · कोऑपरेटिव सेक्टर · राज्य निरीक्षण · जवाबदेही
शासन पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।