IISc के सेंटर फॉर इकोलॉजिकल साइंसेज (Centre for Ecological Sciences) द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि वन्यजीवों की डर की प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि मनुष्यों के साथ उनका संपर्क घातक (शिकार/मछली पकड़ना) है या गैर-घातक (पर्यटन/अनुसंधान)
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान· प्रीलिम्स·
चर्चा में क्यों
IISc के सेंटर फॉर इकोलॉजिकल साइंसेज (Centre for Ecological Sciences) द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि वन्यजीवों की डर की प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि मनुष्यों के साथ उनका संपर्क घातक (शिकार/मछली पकड़ना) है या गैर-घातक (पर्यटन/अनुसंधान)।
पृष्ठभूमि
यह मेटा-एनालिसिस (meta-analysis) 'इकोलॉजी लेटर्स' (Ecology Letters) जर्नल में प्रकाशित किया गया था। यह इस बात पर प्रकाश डालता है कि मनुष्यों द्वारा होने वाली घातक गतिविधियाँ जानवरों में अधिक सतर्कता और भोजन की तलाश (foraging) में कमी का कारण बनती हैं। इसके विपरीत, गैर-घातक उपस्थिति के परिणामस्वरूप व्यवहार में कम और परिवर्तनशील बदलाव देखने को मिलते हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थासेंटर फॉर इकोलॉजिकल साइंसेज (Centre for Ecological Sciences), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) की एक रिसर्च बॉडी है।
- तथ्यघातक मानवीय गतिविधियाँ (शिकार, मछली पकड़ना) वन्यजीवों में तीव्र भय की प्रतिक्रिया और बढ़ी हुई सतर्कता पैदा करती हैं।
- तथ्यगैर-घातक मानवीय उपस्थिति (पर्यटन, अनुसंधान) के परिणामस्वरूप व्यवहार में कम और अधिक परिवर्तनशील बदलाव आते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मानव-वन्यजीव अंतःक्रिया की गतिशीलता, विशेष रूप से घातक और गैर-घातक गतिविधियों के बीच का अंतर, जैव विविधता संरक्षण रणनीतियों को किस प्रकार प्रभावित करता है? चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- व्यवहार संबंधी अनुकूलन: जानवर इंसानों द्वारा पैदा किए गए जोखिम की भविष्यवाणी और तीव्रता के आधार पर भोजन की तलाश और सतर्कता को बदलते हैं
- संरक्षण के ट्रेड-ऑफ: नॉन-लीथल टूरिज्म के पारिस्थितिक प्रभाव और एक्सट्रैक्टिव गतिविधियों से होने वाले गंभीर नुकसान के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: मानव-वन्यजीव संघर्ष · बिहेवियरल इकोलॉजी · जैव विविधता संरक्षण · मानवीय प्रभाव · पारिस्थितिक सतर्कता
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
- बायोइकोनॉमी कॉन्क्लेव 2026 में बायोकॉन लिमिटेड (Biocon Ltd.) की संस्थापक किरण मजुमदार-शॉ ने भारत के जैविक डेटा और AI मॉडल्स पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए 'बायोटेक सोवरेन्टी' (biotech sovereignty) की वकालत की · 24 फ़रवरी 2026
- सुप्रीम कोर्ट ने नदियों में प्रदूषण से जुड़े पांच साल पुराने एक 'सुओ मोटो' (suo motu) मामले को बंद कर दिया है और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को निर्देश दिया है कि वह इस मुद्दे को नदी-दर-नदी के आधार पर फिर से शुरू करे और इसकी निगरानी करे · 24 फ़रवरी 2026
- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत के कारण हुए एक विमान हादसे के बाद · 24 फ़रवरी 2026
- व्हाट्सएप (WhatsApp) और मेटा (Meta) ने सुप्रीम कोर्ट में ₹213.14 करोड़ के जुर्माने के खिलाफ अपील की है · 23 फ़रवरी 2026
- IISER तिरुपति ने तिरुपति नेचर सोसाइटी और आंध्र प्रदेश वन विभाग के सहयोग से 'गरुड़ एटलस' (Garuda Atlas) पक्षी-मैपिंग प्रोजेक्ट के पांचवें संस्करण को संपन्न किया है · 23 फ़रवरी 2026
- IISc के शोधकर्ताओं ने लैटरल हाइपोथैलेमिक एरिया (LHA) में एक न्यूरल सर्किट की पहचान की है, जो तीव्र तनाव (acute stress) के दौरान खुजली के व्यवहार को रोकता है · 23 फ़रवरी 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।