IIM बैंगलोर के सेंटर फॉर डिजिटल पब्लिक गुड्स (CDPG) और प्रोटियन ई-गव टेक्नोलॉजीज (Protean eGov Technologies) ने 2025 में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें प्रमुख क्षेत्रों में इसके असमान रूप से अपनाए जाने पर प्रकाश डाला गया है
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चर्चा में क्यों
IIM बैंगलोर के सेंटर फॉर डिजिटल पब्लिक गुड्स (CDPG) और प्रोटियन ई-गव टेक्नोलॉजीज (Protean eGov Technologies) ने 2025 में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें प्रमुख क्षेत्रों में इसके असमान रूप से अपनाए जाने पर प्रकाश डाला गया है।
पृष्ठभूमि
यह रिपोर्ट भारत के DPI (Digital Public Infrastructure) के लिए स्केल और इंटरऑपरेबिलिटी (interoperability) से एक सुदृढ़ीकरण चरण (consolidation phase) की ओर बदलाव की पहचान करती है। यह DPI 2.0 प्राप्त करने के लिए डिजिटल साक्षरता और मानकीकृत डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल पर ध्यान केंद्रित करते हुए, उपयोगकर्ता-केंद्रित शासन (user-centric governance) की ओर बढ़ने की सिफारिश करती है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थासेंटर फॉर डिजिटल पब्लिक गुड्स (CDPG) की मेजबानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (IIMB) द्वारा की जाती है।
- तथ्यDPI 2.0 ट्रांजिशन के लिए प्लेटफॉर्म विस्तार के बजाय नागरिक अनुभव (citizen experience) को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
- तथ्यअसमान DPI एडॉप्शन (adoption) के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और म्युनिसिपल सर्विसेज (municipal services) को प्रमुख सेक्टर के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वजनिक सेवा वितरण के संदर्भ में, बड़े पैमाने के डिजिटल बुनियादी ढांचे से उपयोगकर्ता-केंद्रित शासन की ओर संक्रमण में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- डिजिटल डिवाइड: डिजिटल साक्षरता में असमानता DPI 2.0 तक समान पहुँच को प्रभावित कर रही है
- इंटरऑपरेबिलिटी की बाधाएं: अलग-अलग म्युनिसिपल और हेल्थकेयर सेक्टर्स में स्टैंडर्ड डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल की कमी
- गवर्नेंस में बदलाव: प्लेटफॉर्म-केंद्रित विस्तार से मजबूत शिकायत निवारण और नागरिक-केंद्रित अनुभव की ओर कदम
मुख्य शब्द: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · इंटरऑपरेबिलिटी · यूज़र-सेंट्रिक गवर्नेंस · डिजिटल साक्षरता · डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल
अर्थव्यवस्था पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।