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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत की

GS1इतिहास · समाज · भूगोल· स्वतंत्रता के बाद का भारत· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत की, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर और वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ को श्रद्धांजलि दी गई।

पृष्ठभूमि

77वां गणतंत्र दिवस समारोह दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित किया गया। मुख्य अतिथियों में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल रहीं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदएंटोनियो कोस्टा: यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट।
  • पदउर्सुला वॉन डेर लेयेन: यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट।
  • तथ्यवर्ष 2026 में 77वां Republic Day मनाया जाएगा।
  • स्थानकर्तव्य पथ: दिल्ली में रिपब्लिक डे परेड का स्थान।

मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक मंच पर भारत की 'सॉफ्ट पावर' और सैन्य शक्ति के प्रदर्शन में गणतंत्र दिवस समारोहों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • डिप्लोमैटिक सिग्नलिंग: स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी दिखाने के लिए हाई-प्रोफाइल यूरोपीय मेहमानों का इस्तेमाल
  • सांस्कृतिक कूटनीति: राष्ट्रीय पहचान को मज़बूत करने के लिए वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का इस्तेमाल
  • मिलिट्री डिटेरेंस: क्षेत्रीय और वैश्विक दर्शकों को स्वदेशी डिफेंस क्षमताओं का प्रदर्शन

मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · रणनीतिक स्वायत्तता · राष्ट्रीय पहचान · सैन्य प्रतिरोध · सांस्कृतिक कूटनीति

पूरा कालक्रम (रिवीजन के लिए) →पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।