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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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3 बच्चे होने पर महाराष्ट्र सरपंच की अयोग्यता रद्द, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के एक सरपंच की अयोग्यता को रद्द कर दिया है, जिन्हें तीन बच्चे होने के कारण चुनाव से बाहर कर दिया गया था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि भारत की कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate - TFR) 1.9 तक कम होने के कारण दो-बच्चे वाले कानून अब प्रासंगिक नहीं रह गए हैं।

पृष्ठभूमि

सुप्रीम कोर्ट ने 2003 के जावेद बनाम हरियाणा राज्य के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मामले को एक बड़ी बेंच (Larger Bench) के पास भेज दिया है। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि भारत की कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate - TFR) वर्ष 2003 में 3 से घटकर वर्तमान में 1.9 रह गई है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यभारत की वर्तमान Total Fertility Rate (TFR) 1.9 है।
  • तथ्यजनसंख्या स्थिरता के लिए 'रिप्लेसमेंट रेट' (replacement rate) 2.1 की प्रजनन दर (fertility rate) है।
  • स्थानमंगल भीमराव महाराष्ट्र के काकोडा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच थे।
  • अधिनियम / विधेयकहरियाणा पंचायती राज एक्ट, 1994 में दो से अधिक जीवित बच्चों वाले व्यक्तियों को अयोग्य घोषित करने का प्रावधान शामिल था।

मेन्स के लिए

प्रश्न: घटती प्रजनन दर के संदर्भ में, परिवार के आकार के आधार पर व्यक्तियों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से अयोग्य घोषित करने वाले कानूनों की संवैधानिक वैधता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व: व्यक्तिगत पारिवारिक पसंद के आधार पर नागरिकों के एक वर्ग को राजनीतिक भागीदारी से बाहर करना
  • डेमोग्राफिक शिफ्ट: निर्भरता अनुपात और बुजुर्ग आबादी के अनुपात पर सब-रिप्लेसमेंट फर्टिलिटी का असर
  • विधायी अप्रचलन: जनसंख्या नियंत्रण कानूनों की समीक्षा की ज़रूरत जो अब मौजूदा जनसांख्यिकीय वास्तविकताओं से मेल नहीं खाते

मुख्य शब्द: कुल प्रजनन दर · रिप्लेसमेंट रेट · राजनीतिक प्रतिनिधित्व · जनसांख्यिकीय परिवर्तन · संवैधानिक वैधता

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS1 · जनसंख्या, जनसांख्यिकी एवं प्रवास

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।