भारत की कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी के लिए CSIR-NGRI ने दी ट्रेनिंग
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CCS और जियोलॉजिकल सीक्वेस्ट्रेशन (Geological Sequestration): नेट-जीरो लक्ष्यों के लिए GS3 विज्ञान और प्रौद्योगिकी (Science & Technology) का एक महत्वपूर्ण विषय।
चर्चा में क्यों
CSIR-NGRI ने भारत की कार्बन कैप्चर और स्टोरेज तकनीकों को समर्थन देने के लिए 'सबसरफेस कैरेक्टराइजेशन ऑफ जियोलॉजिकल कार्बन स्टोरेज साइट्स (Subsurface Characterization of Geological Carbon Storage Sites - SC-GCS)' पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
पृष्ठभूमि
यह प्रशिक्षण CSIR इंटीग्रेटेड स्किल इनिशिएटिव (CSIR Integrated Skill Initiative) के तहत आयोजित किया गया था। इसमें NPCIL, ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Limited) और कई विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न संस्थानों के 14 प्रतिभागियों को लक्षित किया गया था। यह कार्यक्रम भूवैज्ञानिक कार्बन भंडारण स्थलों (geological carbon storage sites) के सबसरफेस कैरेक्टराइजेशन (subsurface characterization) पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकSC-GCS: भूगर्भीय कार्बन स्टोरेज साइट्स (Geological Carbon Storage Sites) का सबसरफेस कैरेक्टराइजेशन (Subsurface Characterization)।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
CSIR-NGRI द्वारा आयोजित ट्रेनिंग के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह प्रोग्राम सरफेस कार्बन स्टोरेज साइट्स (surface carbon storage sites) की विशेषताओं के निर्धारण पर केंद्रित था।
- यह ट्रेनिंग भारत की कार्बन कैप्चर और स्टोरेज (Carbon Capture and Storage) टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन की गई थी।
- यह ट्रेनिंग प्रोग्राम CSIR Integrated Skill Initiative के तहत आयोजित किया गया था।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (d) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: यह प्रोग्राम भूवैज्ञानिक कार्बन स्टोरेज साइट्स (geological carbon storage sites) के सब-सरफेस कैरेक्टराइजेशन (subsurface characterization) पर केंद्रित था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों की प्राप्ति में कार्बन कैप्चर और स्टोरेज (CCS) प्रौद्योगिकियों के महत्व और उनके कार्यान्वयन में भूगर्भीय लक्षण वर्णन (geological characterization) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- तकनीकी बाधा: लंबे समय तक CO2 सीक्वेस्ट्रेशन के लिए स्थिर भूगर्भीय संरचनाओं की पहचान में जटिलता
- संस्थागत तालमेल: CSIR, अकादमिक जगत और NPCIL जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बीच बहु-क्षेत्रीय सहयोग की ज़रूरत
मुख्य शब्द: कार्बन कैप्चर और स्टोरेज · जियोलॉजिकल सीक्वेस्ट्रेशन · नेट-जीरो उत्सर्जन · सबसरफेस कैरेक्टराइजेशन · CSIR इंटीग्रेटेड स्किल इनिशिएटिव
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।