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भाग I · स्था. 11.2025 
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टाटा संस के रजिस्ट्रेशन रिजेक्ट करने के बाद RBI गवर्नर का बड़ा फैसला

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NBFC रेगुलेशन और सिस्टमिक रिस्क मैनेजमेंट (Systemic Risk Management): वित्तीय स्थिरता से संबंधित GS3 का एक महत्वपूर्ण विषय।

चर्चा में क्यों

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि ऊपरी स्तर की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनियों (Core Investment Companies - CICs) को स्टॉक मार्केट में लिस्ट होना चाहिए। यह बयान तब आया जब RBI ने टाटा संस (Tata Sons) के अपने रजिस्ट्रेशन को वापस लेने के 2024 के आवेदन को खारिज कर दिया।

पृष्ठभूमि

कोर इन्वेस्टमेंट कंपनियाँ (Core Investment Companies - CICs) ऐसी होल्डिंग कंपनियाँ हैं जो मुख्य रूप से अपने स्वयं के समूह की फर्मों में निवेश करती हैं और ये नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) की एक श्रेणी हैं। RBI सबसे बड़ी और सबसे अधिक निगरानी वाली NBFCs को 'अपर लेयर' (upper layer) में वर्गीकृत करता है, जिसके लिए स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग अनिवार्य है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाRBI, Non-Banking Financial Companies (NBFCs) की एक कैटेगरी के रूप में Core Investment Companies (CICs) को रेगुलेट करता है।
  • तथ्यTata Trusts के पास Tata Sons की 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
  • तथ्यसिस्टमैटिक रिस्क (systemic risk) को कम करने के लिए अपर-लेयर CICs को स्टॉक मार्केट्स पर लिस्टिंग करना आवश्यक है।
  • तथ्यCICs को रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है क्योंकि वे फंड्स का लाभ उठा सकते हैं और उन फंड्स को वापस करने के लिए ग्रुप कंपनी की बैलेंस शीट्स का उपयोग कर सकते हैं।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

कोर इन्वेस्टमेंट कंपनियों (Core Investment Companies - CICs) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. CICs, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (Non-Banking Financial Companies - NBFCs) की एक कैटेगरी हैं।
  2. CICs को फंड्स का लाभ उठाने या ग्रुप कंपनी की बैलेंस शीट का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।
  3. सिस्टमैटिक रिस्क (systemic risk) को कम करने के लिए केवल लोअर-लेयर NBFCs के लिए स्टॉक मार्केट्स पर लिस्टिंग अनिवार्य है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (a) केवल 1 — कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: CICs को रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होती है क्योंकि वे फंड्स का लाभ उठा सकते हैं और ग्रुप कंपनी की बैलेंस शीट का उपयोग कर सकते हैं। कथन 3 गलत है: Upper-layer NBFCs को लिस्टिंग के लिए अनिवार्य रूप से बाध्य किया गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में प्रणालीगत जोखिमों को कम करनेके लिए उच्च-स्तरीय कोर निवेश कंपनियों (Core Investment Companies) के लिए शेयर बाजार में सूचीकरण अनिवार्य करने की विनियामक आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • सिस्टमैटिक रिस्क मिटिगेशन: फंड्स को रीसायकल करने और पब्लिक डिपॉजिट्स को बचाने के लिए ग्रुप कंपनी बैलेंस शीट के इस्तेमाल को रोकना
  • पारदर्शिता बनाम प्राइवेसी: बड़ी होल्डिंग कंपनियों की सार्वजनिक निगरानी की ज़रूरत और प्राइवेट ट्रस्ट की पसंद के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: यह सुनिश्चित करना कि बड़े NBFCs जो भारी लीवरेज रखते हैं, मार्केट-ड्रिवन वैल्यूएशन और डिस्क्लोजर के प्रति जवाबदेह रहें

मुख्य शब्द: सिस्टमैटिक रिस्क · NBFC रेगुलेशन · कोर इन्वेस्टमेंट कंपनियाँ · पारदर्शिता · वित्तीय स्थिरता · मार्केट लिस्टिंग

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।