सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

ISRO के PSLV-C62/EOS-N1 मिशन ने 12 जनवरी, 2026 को अपनी उड़ान के तीसरे चरण के दौरान फ्लाइट पाथ डेविएशन (flight path deviation) की समस्या का सामना किया

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

ISRO के PSLV-C62/EOS-N1 मिशन ने 12 जनवरी, 2026 को अपनी उड़ान के तीसरे चरण के दौरान फ्लाइट पाथ डेविएशन (flight path deviation) की समस्या का सामना किया।

पृष्ठभूमि

इस मिशन के तहत EOS-N1 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट लॉन्च किया गया, जिसे न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा निर्मित किया गया है। इसके साथ ही 15 अन्य सह-यात्री उपग्रहों को भी लॉन्च किया गया। यह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से किया गया, जिसका लक्ष्य सन सिंक्रोनस ऑर्बिट (Sun Synchronous Orbit) प्राप्त करना था।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदडॉ. वी. नरायाणन: ISRO के चेयरमैन।
  • तथ्यEOS-N1: न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा निर्मित अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट।
  • विज्ञान-तकनीकSun Synchronous Orbit: PSLV-C62/EOS-N1 मिशन के लिए टारगेट ऑर्बिट।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण में ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) के महत्व और अंतरिक्ष संप्रभुता हेतु स्वदेशी उपग्रह निर्माण की प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रिलायबिलिटी बॉटलनेक: मल्टी-स्टेज प्रोपल्शन सिस्टम में तकनीकी खामियां जो ऑर्बिटल प्रिसिजन को प्रभावित करती हैं
  • कमर्शियल व्यवहार्यता: सरकारी नेतृत्व से निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले स्पेस मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ने में NSIL की भूमिका

मुख्य शब्द: अंतरिक्ष अन्वेषण · ऑर्बिटल मैकेनिक्स · स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग · सैटेलाइट की तैनाती · अंतरिक्ष संप्रभुता

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · उद्योग, निवेश एवं MSME

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स

सभी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।