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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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191 में से 82 थर्मल प्लांट 'क्रिटिकल' कैटेगरी में, बिजली संकट की आहट

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)· प्रीलिम्स + मेन्स·

ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन की बाधाएं: बुनियादी ढांचे और राजकोषीय नीति पर एक GS3 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (Central Electricity Authority) की रिपोर्ट के अनुसार, कोल इंडिया के पास पिटहेड्स (pitheads) पर 76 मिलियन टन कोयला होने के बावजूद, 191 थर्मल पावर प्लांट्स में से 82 'क्रिटिकल' श्रेणी में हैं।

पृष्ठभूमि

5 अक्टूबर, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में बिजली की खपत में पिछले वर्ष की तुलना में 11.35% की वृद्धि हुई और यह 162.2 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई। वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए उर्वरक और कृषि क्षेत्र हेतु सरकारी सब्सिडी के 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थासेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) भारत में थर्मल पावर प्लांट्स की स्थिति की निगरानी करती है।
  • तथ्यसितंबर में बिजली की खपत 162.2 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 11.35% की वृद्धि है।
  • तथ्य5 अक्टूबर, 2026 तक, Coal India के पास पिटहेड्स (pitheads) पर 76 मिलियन टन कोयला है।
  • तथ्यFY27 के लिए सरकारी सब्सिडी का अनुमानित आंकड़ा Rs 2.5 लाख करोड़ है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारत के पावर सेक्टर और सब्सिडी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) वह संस्था है जो थर्मल पावर प्लांट्स की स्थिति की निगरानी करती है।
  2. सितंबर में बिजली की खपत 150 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 11.35% की वृद्धि है।
  3. वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए उर्वरक और कृषि हेतु सरकारी सब्सिडी के 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (a) केवल 1 — कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: बिजली की खपत 162.2 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई। कथन 3 गलत है: सब्सिडी के 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विद्युत क्षेत्र में विद्यमान संरचनात्मक बाधाओं और राष्ट्रीय बजट पर बढ़ती कृषि सब्सिडी के राजकोषीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • लॉजिस्टिक रुकावट: कोयला खदानों पर उपलब्धता और थर्मल प्लांट के 'क्रिटिकल' स्टेटस के बीच अंतर
  • राजकोषीय दबाव: इनपुट लागत में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक कमजोरियों के बीच उर्वरकों के लिए सब्सिडी की बढ़ती ज़रूरतें
  • ऊर्जा की मांग: बिजली की खपत में सालाना तेज़ी से बुनियादी ढांचे के विस्तार की ज़रूरत

मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · ऊर्जा सुरक्षा · सप्लाई चेन में रुकावट · सब्सिडी व्यवस्था · इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS3 · कृषि सब्सिडी एवं सहायतायह भी: GS2 · सरकारी नीतियां एवं योजनाएं

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।