भारत में बिजली की भारी कमी, सितंबर में 544 MU का रिकॉर्ड घाटा
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ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचा नियोजन: औद्योगिक विकास और बिजली की मांग के बीच संतुलन पर आधारित एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर महीने में भारत में बिजली की कमी बढ़कर 544 MU तक पहुंच गई, जो इस साल की सबसे अधिक मासिक कमी है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वास्तविक मांग अनुमान से कहीं अधिक रही।
पृष्ठभूमि
बिजली की कमी अगस्त में 98 मिलियन यूनिट से बढ़कर सितंबर में 544 MU हो गई। सितंबर में पीक पावर डिमांड (Peak power demand) 248 GW तक पहुंच गई, जबकि वित्त वर्ष 2027 (FY27) के अप्रैल-अगस्त के दौरान वास्तविक मांग अनुमान से 3.3% अधिक रही।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यसितंबर में बिजली की कमी: 544 MU।
- तथ्यसितंबर में पीक पावर डिमांड (Peak power demand): 248 GW।
- तथ्यवास्तविक मांग (अप्रैल-अगस्त FY27) अनुमानों से 3.3% अधिक रही।
- संस्थाग्रिड-इंडिया और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (Central Electricity Authority - CEA) वे संस्थाएं हैं जो डेटा प्रदान करती हैं।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के साथ कौन सी संस्था भारत में बिजली की कमी (power shortage) पर डेटा प्रदान करती है?
- (a)नीति आयोग
- (b)ग्रिड-इंडिया
- (c)भारतीय रिज़र्व बैंक
- (d)पावर मंत्रालय
उत्तर देखें
उत्तर: (b) ग्रिड-इंडिया — यह नोट ग्रिड-इंडिया (Grid-India) और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (Central Electricity Authority) को बिजली का डेटा प्रदान करने वाली संस्थाओं के रूप में पहचानता है।
मेन्स के लिए
Q. भारत में तीव्र औद्योगिक विकास और बिजली के बुनियादी ढांचे की मांगों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। अनुमानित और वास्तविक बिजली आवश्यकताओं के बीच के अंतर को पाटने के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए।
उत्तर के आयाम
- Planning gap: Discrepancy between projected demand and actual consumption outstripping infrastructure capacity
- Grid stability: Managing peak demand surges of 248 GW to prevent systemic failures
- Supply-side constraints: Need for rapid scaling of generation capacity to meet 3.3% excess demand
कीवर्ड: Power deficit · Grid management · Infrastructure planning · Peak demand · Energy security
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।