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भाग I · स्था. 11.2025 
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क्रिप्टोकरेंसी से देश की मौद्रिक संप्रभुता को खतरा, RBI गवर्नर ने दी चेतावनी

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Monetary policy, RBI & banking· Prelims + Mains·

मौद्रिक संप्रभुता और डिजिटल परिसंपत्ति: केंद्रीय बैंक विनियमन से संबंधित एक प्रमुख GS3 विषय।

चर्चा में क्यों

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी और टोकनाइजेशन के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए, भारत की मौद्रिक संप्रभुता (Monetary Sovereignty) के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जोखिमों के प्रति आगाह किया।

पृष्ठभूमि

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 3 अक्टूबर, 2026 को कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव (Kautilya Economic Conclave) में भाषण दिया। उन्होंने बढ़ते सार्वजनिक ऋण और बॉन्ड यील्ड (bond yields) में वृद्धि को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) पर सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा किए जा रहे बढ़ते खर्च से जोड़ा।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदसंजय मल्होत्रा: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर।
  • तथ्यRBI डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (Distributed Ledger Technology) और टोकनाइजेशन (Tokenisation) का समर्थन करता है।
  • तथ्यबोंड यील्ड (Bond yields) में बढ़ोतरी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) पर बढ़ते खर्च से जोड़ा जा रहा है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

डिजिटल परिसंपत्तियों और आर्थिक कारकों पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रुख के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. RBI, डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (distributed ledger technology) और टोकनाइजेशन (tokenisation) के उपयोग का समर्थन करता है।
  2. RBI ने distributed ledger technology के उपयोग पर अपनी आपत्ति व्यक्त की है।
  3. बॉन्ड यील्ड (bond yields) में वृद्धि का संबंध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) पर सरकार और निजी क्षेत्र के बढ़ते खर्च से है।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 1 और 3
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (b) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: RBI, distributed ledger technology और tokenisation का समर्थन करता है।

मेन्स के लिए

Q. विकेंद्रीकृत क्रिप्टोकरेंसी के एक राष्ट्र की मौद्रिक संप्रभुता पर पड़ने वाले प्रभावों और डिजिटल परिसंपत्तियों को विनियमित करने में केंद्रीय बैंक की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Monetary policy friction: Difficulty in controlling money supply and inflation with decentralized, non-sovereign digital assets
  • Fiscal-monetary nexus: Impact of high public debt and AI-driven spending on bond yield stability
  • Regulatory dilemma: Balancing innovation in distributed ledger technology with risks to financial stability

कीवर्ड: monetary sovereignty · distributed ledger technology · tokenisation · bond yields · fiscal policy · digital assets

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: The Hindu ↗यह भी: GS3 · IT, AI, semiconductors & computing

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।