पुरानी सड़क से बनेगा नया रास्ता, 60% पुराने मटेरियल से बनाई गई सड़क
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चर्चा में क्यों
CSIR-CRRI ने चेन्नई-तिरुपति राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क पुनर्जीवन (road rejuvenation) तकनीक का प्रदर्शन किया, जिसमें उपयोग किए गए एस्फाल्ट का 60% हिस्सा पुरानी सड़कों से पुन: प्राप्त (reclaimed) किया गया था।
पृष्ठभूमि
इस प्रदर्शन में राजमार्ग के 1 किलोमीटर के खंड का निर्माण किया गया, जिसमें 60% पुनर्चक्रित सामग्री (reclaimed material) का उपयोग किया गया था। इस परियोजना का निष्पादन Ooms India और OSEPL द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सहयोग से संपन्न किया गया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यपुनर्प्राप्त सामग्री का अनुपात: प्रदर्शन में उपयोग किए गए डामर (asphalt) का 60%।
- स्थानस्थान: चेन्नई-तिरुपति नेशनल हाईवे।
- संस्थाNHAI: National Highways Authority of India।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बुनियादी ढांचा विकास में पुनर्चक्रित सामग्री प्रौद्योगिकियों (reclaimed material technologies) को अपनाने से भारत की चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) को कैसे बढ़ावा मिल सकता है और आयातित बिटुमेन पर निर्भरता को कम करने में यह किस प्रकार सहायक हो सकता है? चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रिसोर्स सर्कुलेरिटी: एस्फाल्ट रिजुवेनेशन के जरिए बिटुमेन आयात पर निर्भरता कम करना
- रेगुलेटरी बॉटलनैक: रिकलेम्ड मटेरियल के इस्तेमाल को स्टैंडर्डाइज करने के लिए IRC कोड अपडेट की ज़रूरत
- वेस्ट मिटिगेशन: हाईवे प्रोजेक्ट्स में कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट को कम करना
मुख्य शब्द: सर्कुलर इकोनॉमी · सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर · बिटुमेन पर निर्भरता · सड़क का नवीनीकरण · वेस्ट मैनेजमेंट
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।