ISRO ने GSLV-F17/EOS-05 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया
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चर्चा में क्यों
ISRO ने श्रीहरिकोटा से GSLV-F17/EOS-05 उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया, जो हालिया विफलताओं के पश्चात एक सफल मिशन का प्रतीक है।
पृष्ठभूमि
GSLV-F17/EOS-05 का प्रक्षेपण 4 सितंबर, 2026 को प्रातः 3:14 बजे किया गया। EOS-05 भू-तुल्यकालिक कक्षा (Geosynchronous Orbit) में भारत का प्रथम इमेजिंग उपग्रह है, जिसे उन्नत निगरानी हेतु अभिकल्पित किया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकGSLV-F17: ISRO द्वारा उपग्रह प्रक्षेपण के लिए उपयोग किया जाने वाला एक प्रक्षेपण यान (launch vehicle)।
- तथ्यEOS-05: भू-स्थैतिक कक्षा (Geosynchronous Orbit) में भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह।
- स्थानश्रीहरिकोटा: GSLV-F17 मिशन के लिए प्रक्षेपण स्थल।
मेन्स के लिए
Q. भारत की रणनीतिक निगरानी क्षमताओं और तकनीकी संप्रभुता को सुदृढ़ करने में स्वदेशी उपग्रह प्रौद्योगिकी के महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Strategic autonomy: Reducing reliance on foreign satellite imagery for national security
- Technological resilience: Overcoming engineering hurdles in Geosynchronous Orbit deployments
- Dual-use potential: Balancing civilian imaging capabilities with national security surveillance
कीवर्ड: Technological Sovereignty · Geosynchronous Orbit · Strategic Surveillance · Space Infrastructure · Indigenous Capability
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।