कर्नाटक कैबिनेट ने जेलों में AI कैमरे और जैमर लगाने का फैसला लिया
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक राज्य कैबिनेट ने जेलों में बंदियों द्वारा अनधिकृत संचार को रोकने के लिए AI-आधारित निगरानी कैमरों और सिग्नल जैमर्स की स्थापना को मंजूरी दी है।
पृष्ठभूमि
यह निर्णय 22 अगस्त, 2026 को बंदियों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग की रिपोर्टों के आधार पर लिया गया था। इस पहल का उद्देश्य परप्पनह अघरा केंद्रीय जेल जैसे सुधारात्मक केंद्रों में सुरक्षा और निगरानी को सुदृढ़ करना है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकAI-आधारित निगरानी: वास्तविक समय में पैटर्न या व्यवहारों की पहचान करने के लिए machine learning algorithms का उपयोग करती है।
- तथ्यसिग्नल जैमर्स (Signal jammers): वे उपकरण जो संचार को रोकने के लिए वायरलेस सिग्नल (cellular, Wi-Fi, GPS) को बाधित करते हैं।
- पदप्रियंका खड़गे: कर्नाटक की गृह मंत्री।
मेन्स के लिए
Q. तकनीकी निगरानी के संदर्भ में, जेल सुरक्षा और आसपास के समुदाय के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- security vs. civil liberties
- technological infrastructure
- impact on public communication
- regulatory framework for jammers
कीवर्ड: surveillance · technological intervention · public safety · correctional security · signal interference
आंतरिक सुरक्षा पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।