अरुणाचल प्रदेश ने 80:20 आरक्षण खत्म किया, स्थानीय भाषा में दक्षता अनिवार्य
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चर्चा में क्यों
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य सरकार की नौकरियों के लिए 80:20 आरक्षण प्रणाली को समाप्त कर दिया है और इसके स्थान पर स्वदेशी भाषा में दक्षता सहित समान पात्रता मानदंड लागू किए हैं।
पृष्ठभूमि
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने उच्च शक्ति समिति (HPC) की सिफारिशों को स्वीकृति प्रदान की है, जिसके अंतर्गत स्थायी निवास प्रमाण पत्र (PRC) और APST स्थिति को अनिवार्य बनाया गया है। राज्य सरकार की नौकरियों के लिए उम्मीदवारों को अब एक स्वदेशी जनजातीय भाषा में दक्षता प्रदर्शित करना आवश्यक होगा।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाAPPSC: Arunachal Pradesh Public Service Commission राज्य सिविल सेवाओं के लिए उत्तरदायी निकाय है।
- तथ्यपिछली आरक्षण प्रणाली में राज्य सरकार की नौकरियों के लिए 80:20 का अनुपात अपनाया गया था।
- स्थानअरुणाचल प्रदेश: भारत का एक उत्तर-पूर्वी राज्य।
मेन्स के लिए
Q. सांस्कृतिक रूप से विविध राज्यों में सार्वजनिक सेवा भर्ती की समावेशिता पर भाषाई दक्षता और निवास संबंधी आवश्यकताओं के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Inclusivity vs. Cultural Preservation
- Administrative Efficiency
- Federalism and State Autonomy
कीवर्ड: Public Service Recruitment · Cultural Identity · Administrative Efficiency · Inclusivity · State Autonomy
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।